केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹14,115 करोड़ की दो प्रमुख राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य संपर्क सुधारना, यात्रा समय घटाना, माल परिवहन दक्षता बढ़ाना और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना है।
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- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹14,114.81 करोड़ की कुल लागत वाली दो रणनीतिक राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय संपर्क, क्षेत्रीय गतिशीलता और आधारभूत संरचना आधारित आर्थिक विकास को सुदृढ़ करना है।
- दिल्ली परियोजना में एनएच-148एई पर 8.1 किलोमीटर लंबी छह लेन सुरंग शामिल है, जो द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ती है। इसकी अनुमानित लागत ₹6,969.67 करोड़ है।
- सुरंग परियोजना में 3.14 किलोमीटर लंबा दोहरी नलिका वाला भूमिगत खंड बनाया जाएगा, जो दक्षिणी रिज वन क्षेत्र के नीचे से गुजरेगा। इसके निर्माण में सुरंग खोदने वाली आधुनिक मशीन का उपयोग किया जाएगा।
- कानपुर-कबरई हरित राजमार्ग 117.7 किलोमीटर लंबा नियंत्रित प्रवेश मार्ग होगा, जिसे चार या छह लेन संरचना में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना निर्धारित अनुबंध व्यवस्था के अंतर्गत बनाई जाएगी।
- यह राजमार्ग भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का महत्वपूर्ण भाग है और इसके पूरा होने के बाद कानपुर से कबरई तक यात्रा समय लगभग 3.5 घंटे से घटकर लगभग 1.5 घंटे रह जाएगा।
- दिल्ली सुरंग परियोजना से लगभग 7.54 लाख प्रत्यक्ष मानव-दिवस तथा 9.80 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने का अनुमान लगाया गया है।
- कानपुर-कबरई राजमार्ग परियोजना से लगभग 1.2 करोड़ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
- दोनों परियोजनाएँ प्रधानमंत्री गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप हैं, जो बहु-माध्यम संपर्क, माल परिवहन दक्षता और दीर्घकालिक आधारभूत संरचना विकास को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी।





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