नासा ने आर्टेमिस युग के मून बेस प्रोजेक्ट को तेज करते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी मानव आवास विकसित करने और भविष्य के मंगल मिशनों की तैयारी करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
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- नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थायी मानव आवास विकसित करने के लिए आर्टेमिस मून बेस परियोजना को तेज कर दिया है।
- यह मून बेस परियोजना नासा के आर्टेमिस कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य दीर्घकालिक चंद्र अन्वेषण और भविष्य के मंगल मिशनों की तैयारी करना है।
- नासा Blue Origin, Astrolab और Lunar Outpost जैसी निजी कंपनियों के साथ मिलकर लूनर रोवर, कार्गो लैंडर और चंद्र सतह अवसंरचना विकसित कर रहा है।
- नासा ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव को इसलिए चुना क्योंकि वहां जल-बर्फ के संभावित भंडार और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक अनुसंधान की संभावनाएं मौजूद हैं।
- मून बेस-1 मिशन, जिसकी शुरुआत 2026 की शरद ऋतु से पहले नहीं होगी, ब्लू ओरिजिन के ब्लू मून मार्क-1 एंड्योरेंस लैंडर के जरिए वैज्ञानिक उपकरण भेजेगा।
- मून बेस-2 मिशन में 1,100 पाउंड से अधिक पेलोड भेजा जाएगा, जिसमें एस्ट्रोलैब का FLIP रोवर भी शामिल होगा, ताकि कठिन चंद्र सतह पर गतिशीलता प्रणालियों का परीक्षण किया जा सके।
- नासा ने उन्नत लूनर टेरेन व्हीकल विकसित करने के लिए 439 मिलियन डॉलर से अधिक के अनुबंध दिए हैं, जिनमें CLV-1 रोवर और पेगासस रोवर शामिल हैं।
- आर्टेमिस मून बेस कार्यक्रम भविष्य के मानव मंगल मिशनों के लिए टिकाऊ तकनीक, रोबोटिक सिस्टम और लंबी अवधि के अंतरिक्ष संचालन का परीक्षण करने में मदद करेगा।





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