केंद्र सरकार वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगांठ पर उसे राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है।
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- नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गान जैसी कानूनी मान्यता देने का प्रस्ताव तैयार किया है।
- प्रस्ताव के अनुसार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम में संशोधन कर वंदे मातरम् को भी समान कानूनी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
- बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1875 में रचित यह गीत स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रवाद और संघर्ष का प्रमुख प्रतीक बना था।
- यह गीत सबसे पहले आनंदमठ में प्रकाशित हुआ और बाद में स्वतंत्रता सेनानियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हुआ।
- वर्ष 1950 में संविधान सभा ने जन गण मन को राष्ट्रीय गान तथा वंदे मातरम् को राष्ट्रीय गीत का दर्जा प्रदान किया था।
- वर्तमान कानून राष्ट्रीय गान के अपमान को दंडनीय मानता है, लेकिन वंदे मातरम् के लिए स्पष्ट कानूनी प्रावधान अभी मौजूद नहीं हैं।
- प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के दौरान बाधा उत्पन्न करना या उसका अपमान करना दंडनीय अपराध माना जा सकता है।
- संभावित दंड में तीन वर्ष तक कारावास, आर्थिक जुर्माना या दोनों शामिल हो सकते हैं, जैसा राष्ट्रीय गान के अपमान के मामलों में लागू होता है।





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