सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश स्वीकृति के लिए नई मानक प्रक्रिया जारी की है, जिससे अनुमोदन व्यवस्था अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और पूर्णतः डिजिटल बनाई जाएगी।
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- उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश प्रस्तावों की प्रक्रिया को सरल और पूर्णतः डिजिटल बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है।
- नई व्यवस्था के तहत विदेशी निवेश प्रस्ताव दो दिनों के भीतर संबंधित मंत्रालयों, भारतीय रिज़र्व बैंक, गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को भेजे जाएंगे।
- संशोधित प्रक्रिया में निवेश स्वीकृति के लिए अधिकतम बारह सप्ताह की समय सीमा निर्धारित की गई है, जिससे निवेशकों का विश्वास और पारदर्शिता बढ़ेगी।
- प्रारंभिक जांच और अतिरिक्त जानकारी मांगने के लिए बारह दिन निर्धारित किए गए हैं, जबकि अन्य मंत्रालयों से राय लेने के लिए अलग समय सीमा तय की गई है।
- रक्षा, दूरसंचार और नागरिक उड्डयन जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विदेशी निवेश के लिए सुरक्षा मंजूरी अनिवार्य रूप से जारी रहेगी।
- निर्धारित सीमा से अधिक बड़े निवेश प्रस्तावों को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति के पास अंतिम स्वीकृति हेतु भेजा जाएगा।
- नई प्रक्रिया में भारत से भूमि सीमा साझा करने वाले देशों जैसे चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान से निवेश के लिए विशेष प्रावधान शामिल किए गए हैं।
- सरकार के अनुसार यह सुधार व्यापार सुगमता बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी निवेश पर नियामकीय निगरानी और कानूनी अनुपालन को भी मजबूत करेगा।





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