संसद के शीतकालीन सत्र से पहले, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने संविधान को राजनीति से अलग रखने पर जोर दिया। संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाएगा, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू केंद्रीय कक्ष में प्रस्तावना पढ़ेंगी।
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- संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाएगा।
- राष्ट्रपति मुर्मू संसद में प्रस्तावना पढ़ेंगी।
- ओम बिड़ला ने संविधान को एक सामाजिक दस्तावेज बताया।
- संविधान ने सामाजिक और आर्थिक सुधारों को बढ़ावा दिया।
- किसी भी सरकार ने संविधान की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं की।
- शीतकालीन सत्र आज शुरू, 20 दिसंबर तक चलेगा।
- कुल 19 बैठकें निर्धारित, 16 विधेयक विचार के लिए पेश।
- वक्फ संशोधन विधेयक प्रमुख विधेयकों में शामिल।
- संसदीय मर्यादा बनाए रखने पर बिड़ला का जोर।
- संविधान सभी जातियों और वर्गों के लिए समान मतदान अधिकार प्रदान करता है।





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