सऊदी अरब ने 2022 में जीवाश्म ईंधन से बदलाव का समर्थन किया था, लेकिन अब उस पर वैश्विक जलवायु वार्ता को बाधित करने का आरोप लगाया जा रहा है। राजनयिकों ने सऊदी प्रतिनिधियों द्वारा जलवायु वार्ता में अभूतपूर्व विरोध की बात कही है।
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- 2022 में जीवाश्म ईंधन से बदलाव का समर्थन किया, अब रुख बदला।
- राजनयिकों का आरोप: सऊदी कार्रवाई वैश्विक समझौतों को कमजोर कर रही।
- जलवायु वार्ता में सऊदी के असामान्य रूप से मजबूत विरोध का दावा।
- महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति में बाधा डालने की रणनीति अपनाई।
- सऊदी अर्थव्यवस्था जीवाश्म ईंधन निर्यात पर अत्यधिक निर्भर।
- वैश्विक नेता नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाने के लिए दबाव डाल रहे।
- आलोचना: सऊदी प्रयास आर्थिक हितों को जलवायु लक्ष्यों से ऊपर रखते हैं।
- COP जैसे अंतरराष्ट्रीय जलवायु सम्मेलनों में प्रगति प्रभावित।
- सऊदी के साथ समझौते की कमी पर राजनयिक निराश।
- भविष्य की जलवायु वार्ताओं के पटरी से उतरने की चिंता।





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