फरवरी में भारत के सेवा क्षेत्र की गतिविधियां बढ़ती रहीं, लेकिन लागत दबाव और नए कार्यों की धीमी वृद्धि के कारण विस्तार की गति कुछ कम हो गई।
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- फरवरी में सेवा क्षेत्र क्रय प्रबंधक सूचकांक 58.1 दर्ज किया गया जो जनवरी के 58.5 की तुलना में थोड़ा कम रहा।
- नए कार्यों की वृद्धि में कमी के कारण सेवा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों की गति कुछ धीमी देखी गई।
- सूचकांक का स्तर पचास से ऊपर बने रहने से सेवा क्षेत्र में समग्र विस्तार की स्थिति बनी हुई है।
- विदेशी मांग में सुधार के कारण सेवाओं के निर्यात में वृद्धि हुई जिससे आर्थिक गतिविधियों को समर्थन मिला।
- बढ़ते कार्यभार को संभालने के लिए कई कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि की।
- कंपनियों की परिचालन लागत में वृद्धि हुई जिसका मुख्य कारण श्रम ऊर्जा और अन्य आवश्यक संसाधनों की कीमतों में बढ़ोतरी रही।
- बढ़ती लागत के दबाव को संतुलित करने के लिए कई कंपनियों ने अपनी सेवाओं के शुल्क में वृद्धि की।
- समग्र आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी रही क्योंकि उत्पादन और सेवा दोनों क्षेत्रों में विस्तार दर्ज किया गया।





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