विश्वविद्यालय अनुदान आयोग भारत में उच्च शिक्षा संस्थानों के विनियमन, वित्तपोषण तथा शैक्षिक मानकों के संरक्षण हेतु स्थापित एक वैधानिक निकाय है।
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की विधिवत स्थापना 1956 में संसद के अधिनियम द्वारा की गई, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय शिक्षा के समन्वय और मानकों का संरक्षण था।
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इसकी उत्पत्ति स्वतंत्रता-पूर्व शैक्षिक सुधारों से जुड़ी है, विशेषतः 1944 की सार्जेंट प्रतिवेदन में विश्वविद्यालय अनुदान समिति गठन की संस्तुति की गई थी।
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आयोग केंद्रीय एवं पात्र विश्वविद्यालयों को अनुदान प्रदान करता है तथा शिक्षण, परीक्षा, अनुसंधान और संस्थागत विकास के न्यूनतम मानक निर्धारित करता है।
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यह केंद्र तथा राज्य सरकारों के मध्य सेतु के रूप में कार्य करते हुए विश्वविद्यालय शिक्षा सुधार संबंधी नीतिगत परामर्श प्रदान करता है।
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आयोग का मुख्यालय नई दिल्ली में स्थित है तथा देशव्यापी कार्यसंचालन हेतु छह क्षेत्रीय केंद्र स्थापित किए गए हैं।
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All India Council for Technical Education तथा National Medical Commission जैसे स्वायत्त वैधानिक निकाय विशेष उच्च शिक्षा क्षेत्रों का विनियमन आयोग के व्यापक ढाँचे में करते हैं।
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National Education Policy 2020 के प्रावधानों के अनुरूप 2022 में विद्यार्थियों को एक साथ दो शैक्षणिक कार्यक्रम पूर्ण करने की अनुमति प्रदान की गई।





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