भारत राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के तहत रिफाइनरियों में हरित हाइड्रोजन का उपयोग बढ़ा रहा है, जिसमें 4 प्रमुख परियोजनाओं के लिए 30 केटीपीए क्षमता आवंटित हुई है।
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- हरित हाइड्रोजन संक्रमण योजना के तहत सरकार ने रिफाइनरियों के लिए 30 किलो टन प्रतिवर्ष हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की है।
- इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी को 10 केटीपीए क्षमता मिली है, जिससे रिफाइनिंग प्रक्रियाओं में हरित हाइड्रोजन का उपयोग बढ़ेगा।
- भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की बीना रिफाइनरी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड की विशाखापत्तनम रिफाइनरी को 5-5 केटीपीए क्षमता मिली है।
- नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड की नुमालीगढ़ रिफाइनरी को सरकार की हरित हाइड्रोजन संक्रमण पहल के तहत शेष 10 केटीपीए क्षमता आवंटित की गई है।
- परियोजनाओं को निर्माण, स्वामित्व और संचालन व्यवस्था के तहत लागू किया जाएगा, जिसमें निजी विकासकर्ता और परियोजना आधारित निवेश शामिल होंगे।
- रिफाइनरियों में हरित हाइड्रोजन का बढ़ता उपयोग आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता घटाकर ऊर्जा सुरक्षा और भारत के शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों को मजबूत कर सकता है।
- इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की घरेलू मांग बढ़ने और प्रमुख रिफाइनरियों में औद्योगिक कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
- राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन का लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन और इसके उत्पादों के उत्पादन, उपयोग तथा निर्यात का वैश्विक केंद्र बनाना है।





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