जर्मन शोधकर्ताओं ने पाया कि बाल्टिक सागर में डूबे द्वितीय विश्व युद्ध के विस्फोटक अब समुद्री जीवन का घर बन चुके हैं। कम्युनिकेशन्स अर्थ एंड एनवायरनमेंट पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में बताया गया कि बमों की कठोर धातु सतहें कृत्रिम चट्टानों जैसी काम कर रही हैं।
BulletsIn
- द्वितीय विश्व युद्ध के विस्फोटकों पर समुद्री जीव पनपते मिले
- खोज जर्मनी के ल्यूबेक खाड़ी में हुई
- केकड़े, स्टारफिश समेत कई जीव बमों पर बसे
- बमों पर जैव विविधता समुद्र तल से अधिक
- बाल्टिक का तल अधिकतर कीचड़ और रेत, पत्थर हटाए जा चुके
- हथियार बने समुद्री जीवन के लिए दुर्लभ ठोस सतह
- जर्मन जल में 1.6 मिलियन टन गोला-बारूद डूबा
- पहले खतरनाक माने गए स्थल अब रीफ की तरह
- रासायनिक अस्थिरता, प्रदूषण का खतरा जारी
- अगला कदम: समुद्री जीवों में विषाक्तता और प्रजनन पर असर का अध्ययन





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