संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को भारी हंगामे के बाद समाप्त हुआ। बी.आर. अंबेडकर पर कथित टिप्पणी को लेकर विरोध और गर्मागर्म बहस ने सत्र को बाधित किया। साथ ही, लोकसभा और विधानसभा के लिए एक साथ चुनाव कराने वाले विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए गए।
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- शुक्रवार को संसद का सत्रावसान भारी हंगामे के साथ हुआ।
- अंतिम दिन लोकसभा मात्र 3 मिनट में स्थगित; राज्यसभा में समापन टिप्पणी हुई।
- सत्र के दौरान उत्पादकता: लोकसभा 58%, राज्यसभा 40.03%।
- स्पीकर ओम बिरला ने संसद के प्रवेशद्वार पर विरोध प्रदर्शन पर चेतावनी दी।
- लोकसभा में 5 विधेयक पेश, जिनमें से 4 पारित हुए; राज्यसभा ने 3 विधेयक पारित किए।
- भारत के संविधान की 75वीं वर्षगांठ पर हुई बहस को संसद की श्रेष्ठता का प्रतीक माना गया।
- गृह मंत्री अमित शाह की कथित टिप्पणी पर विपक्ष का विरोध।
- भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे पर अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया।
- गुरुवार के झगड़े में राहुल गांधी समेत कई सांसदों पर केस दर्ज हुए।
- एक साथ चुनाव कराने वाले विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजा गया।





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