नासा का वॉयेजर 1, 5 सितंबर 1977 को लॉन्च हुआ, आज भी सौरमंडल के बाहर से डेटा भेज रहा है। बृहस्पति और शनि के बाद, यह 2012 में इंटरस्टेलर स्पेस में पहुँचा। अब 24 अरब किमी से ज्यादा दूर, यह घटती ऊर्जा के साथ दशकों पुरानी तकनीक से संपर्क बनाए हुए है।
BulletsIn
- 5 सितम्बर 1977 को लॉन्च, लक्ष्य बृहस्पति और शनि
- ग्रहों के अभूतपूर्व आंकड़े भेजे, फिर बाहर की ओर बढ़ा
- अगस्त 2012 में हीलियोपॉज़ पार कर इंटरस्टेलर स्पेस में प्रवेश
- इस क्षेत्र में सीधे पहुँचने वाला पहला यान
- अब 160 AU से ज्यादा दूरी पर, लगातार दूर जा रहा
- रेडियो सिग्नल पृथ्वी तक पहुँचने में ~23 घंटे लगते हैं
- 3.7 मीटर हाई-गैन एंटीना से, 20W पावर पर संचार
- नासा के डीप स्पेस नेटवर्क से सिग्नल प्राप्त
- 3 रेडियोआइसोटोप थर्मोइलेक्ट्रिक जनरेटर से ऊर्जा
- विज्ञान उपकरण अब भी अनोखा इंटरस्टेलर डेटा भेजते हैं





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