वीर बाल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडप में कार्यक्रम में भाग लिया और ‘सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान’ की शुरुआत की। यह अभियान बच्चों के पोषण और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए शुरू किया गया है, साथ ही साहिबजादों जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान को स्मरण करता है।
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- वीर बाल दिवस साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह के बलिदान का सम्मान करता है, जिन्होंने 1704 में इस्लाम में परिवर्तित होने से इनकार किया था।
- पीएम मोदी ने ‘सुपोषित ग्राम पंचायत अभियान’ शुरू किया, जो पोषण सेवाओं और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देता है।
- देशभर में कहानियां सुनाना, रचनात्मक लेखन, पोस्टर बनाना और MyGov व MyBharat पोर्टलों के माध्यम से ऑनलाइन क्विज़ जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं।
- प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (PMRBP) के विजेता, जिनमें 17 बच्चे शामिल हैं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से पदक और प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए उपस्थित थे।
- साहिबजादों का बलिदान धर्म और साहस का प्रतीक है; उन्हें मुगल सम्राट औरंगज़ेब ने सिख धर्म छोड़ने से इनकार करने पर दीवार में जीवित चुनवा दिया था।
- यह दिन गुरु गोबिंद सिंह जी के चारों पुत्रों के बलिदान को याद करता है और सिख धर्म की आस्था और धैर्य के मूल्यों को मजबूत करता है।
- 9 जनवरी 2022 को पीएम मोदी ने हर साल 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की।
- यह पहल युवाओं में जागरूकता, साहस और समर्पण को बढ़ावा देती है और शैक्षिक व प्रेरणादायक गतिविधियों के माध्यम से उनके मन को प्रेरित करती है।





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