अमेरिका ने UN के Climate Damage Fund Board से बाहर जाने का निर्णय लिया है, जो गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन के कारण होने वाली आपदाओं से निपटने में मदद करने के लिए बनाया गया था। यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रम्प के प्रशासन द्वारा जलवायु परिवर्तन पहलों से पीछे हटने के broader कदम के रूप में लिया गया है।
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- US ने US के Climate Damage Fund Board से बाहर जाने का निर्णय लिया।
- यह कोष गरीब देशों को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में मदद करने के लिए स्थापित किया गया था।
- रेबेका लॉरल के पत्र के अनुसार यह निर्णय तुरंत प्रभाव से लागू हो गया।
- यूएस अपने प्रतिनिधियों की जगह कोई नया सदस्य नहीं भेजेगा।
- यह कदम पेरिस जलवायु समझौते और अन्य बहुपक्षीय प्रयासों से बाहर जाने के बाद उठाया गया है।
- यूएस ने कोष में $17.5 मिलियन का योगदान देने का वादा किया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वे इसे पूरा करेंगे या नहीं।
- यह कोष, जिसे वर्ल्ड बैंक द्वारा होस्ट किया गया है, कमजोर देशों में परियोजनाओं के वित्तपोषण का लक्ष्य रखता है।
- विकासशील देशों ने इस कोष की स्थापना को जलवायु न्याय के लिए एक जीत के रूप में मनाया।
- यूएस ट्रेजरी विभाग ने इस बारे में अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
- कार्यकर्ताओं का कहना है कि यूएस को जलवायु क्षति के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए, क्योंकि यह सबसे बड़ा प्रदूषक है।





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