केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पीएम स्वनिधि योजना को पुनर्गठित कर 31 मार्च 2030 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है। यह निर्णय 1.15 करोड़ से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को लाभ देगा, जिनमें नए 50 लाख लाभार्थी शामिल होंगे। योजना में अधिक ऋण राशि, डिजिटल भुगतान प्रोत्साहन और रुपे-यूपीआई क्रेडिट कार्ड की सुविधा जोड़ी गई है।
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- योजना की अवधि दिसंबर 2024 से बढ़ाकर मार्च 2030
- कुल वित्तीय प्रावधान ₹7,332 करोड़
- लाभार्थी लक्ष्य: 1.15 करोड़ स्ट्रीट वेंडर
- 68 लाख पुराने, 50 लाख नए लाभार्थी शामिल
- ऋण राशि संशोधित: ₹15 हज़ार (पहला), ₹25 हज़ार (दूसरा), ₹50 हज़ार (तीसरा)
- दूसरे ऋण की अदायगी के बाद रुपे-यूपीआई क्रेडिट कार्ड सुविधा
- डिजिटल लेनदेन पर सालाना ₹1,600 तक कैशबैक
- कवरेज बढ़कर जनगणना नगर और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक
- 2020 से अब तक: 96 लाख ऋण, ₹13,797 करोड़ वितरित
- उद्देश्य: शहरी आजीविका मज़बूत करना, वित्तीय व डिजिटल समावेशन बढ़ाना





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