पाकिस्तान की ऑपरेशन सिंदूर के बाद, उसे मुस्लिम देशों से समर्थन की उम्मीद थी, लेकिन केवल तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान का खुलकर साथ दिया। 50+ मुस्लिम देशों में से अधिकांश ने पाकिस्तान के आतंकवाद और धार्मिक नीति के कारण स्थिति को तटस्थ रखा है।
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- ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भारत पर UN चार्टर का उल्लंघन करने का आरोप लगाया
- 50+ मुस्लिम देशों में से केवल तुर्की और अज़रबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया
- अधिकांश मुस्लिम देशों ने तटस्थ या मध्यम रुख अपनाया
- पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान को अपने ‘इस्लामिक’ रुख पर समर्थन न मिलने पर आश्चर्य
- कई देश पाकिस्तान के धार्मिक आड़ में आतंकवाद फैलाने की नीतियों को पहचानते हैं
- सऊदी अरब और यूएई ने हाल ही में पाकिस्तान से दूरी बनाई है
- पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी समूहों का समर्थन अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचा चुका है
- तुर्की का समर्थन राष्ट्रपति एर्दोगान के ओटोमैन साम्राज्य की धरोहर को पुनर्जीवित करने के विचार से प्रेरित है
- अज़रबैजान का समर्थन तुर्की के साथ गहरे संबंधों और पाकिस्तान से पहले मिले सैन्य सहायता से जुड़ा है
- मुस्लिम देशों का रुख धार्मिक संबंधों के बजाय कूटनीतिक और आर्थिक हितों पर आधारित है





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