1320 से 1414 तक तुगलक वंश ने दिल्ली सल्तनत पर शासन किया। इसकी स्थापना ग़ियासुद्दीन तुगलक ने की थी और यह सल्तनत का तीसरा चरण था। इस वंश में मुहम्मद बिन तुगलक और फिरोज शाह तुगलक जैसे प्रभावशाली शासक हुए। लेकिन गलत नीतियों और 1398 में तैमूर के आक्रमण ने इस वंश का अंत कर दिया।
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- ग़ियासुद्दीन तुगलक ने 1320 में ख़ुसरो ख़ान को हटाकर वंश की स्थापना की
- लगभग सौ वर्षों तक दिल्ली सल्तनत पर तुगलक वंश का शासन रहा
- ग़ियासुद्दीन ने मंगोलों से कड़ा संघर्ष किया, तुगलकाबाद किला बनवाया
- मुहम्मद बिन तुगलक ने कई सुधार किए, पर क्रियान्वयन विफल रहा
- राजधानी देवगिरी स्थानांतरित की, टोकन मुद्रा शुरू की—दोनों असफल
- दोआब क्षेत्र में कर बढ़ाए; अकाल और जनता में असंतोष फैला
- फिरोज शाह तुगलक ने सामाजिक कल्याण पर ध्यान दिया, नीतियाँ बदलीं
- नगर, नहरें, अस्पताल बनवाए; ब्राह्मणों पर जज़िया लगाया
- उत्तराधिकारी कमजोर; केवल पंजाब और दिल्ली पर नियंत्रण रहा
- 1398 में तैमूर के आक्रमण से तुगलक वंश का अंत हुआ





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