अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए नए टैरिफ—भारत पर 50% शुल्क, यूरोपीय धातुओं पर अतिरिक्त कर और चीनी तकनीक पर दबाव—वैश्विक व्यापार को हिला रहे हैं। शक्ति बढ़ाने की बजाय ये कदम देशों को अमेरिका से दूर कर रहे हैं और भारत-चीन-रूस को नजदीक ला रहे हैं।
BulletsIn
- भारत, ब्राज़ीलियाई वस्तुओं पर 50% अमेरिकी शुल्क
- यूरोपीय धातु और चीनी तकनीकी निर्यात पर नई पाबंदियां
- अमेरिका की वैश्विक आयात हिस्सेदारी 20% से गिरकर 12%
- ब्राज़ील ने निर्यातकों को बचाने के लिए $6B पैकेज घोषित किया
- भारत ने “मेक इन इंडिया” पर दांव, टैरिफ से दबाव बढ़ा
- कनाडा, जापान, दक्षिण कोरिया ने जवाबी कदम उठाए
- 31 अगस्त को बीजिंग में मोदी-शी बैठक, रूस का समर्थन
- RIC (रूस-भारत-चीन) त्रिकोण को नया प्रोत्साहन
- भरोसा कम, मजबूरी से भारत-चीन संवाद
- जर्मनी, जापान जैसे सहयोगी अमेरिका पर भरोसा घटा रहे
- BRICS व्यापार अब अमेरिकी व्यापार से आगे निकल गया
- 2024 में भारत ने US को $77.5B निर्यात किया
- मोदी का किसानों और छोटे कारोबारियों की सुरक्षा का वादा
- 2026 US मिडटर्म चुनाव से अस्थिरता बढ़ने की आशंका
- भारत ने ट्रंप से जुड़े लॉबिंग फर्म को नियुक्त किया





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