13 फरवरी 2026 को प्रकाशित एक संपादकीय में पर्यटन क्षेत्र को भारत की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा लेकिन कम उपयोग किया गया विकास इंजन बताया गया है। यह क्षेत्र GDP में 6.7% योगदान देता है और लगभग 4.8 करोड़ लोगों को रोजगार देता है। हालांकि बुनियादी ढांचे की कमी, पर्यावरणीय दबाव, कर ढांचा और सुरक्षा चिंताएं इसकी क्षमता को सीमित कर रही हैं। उचित सुधारों से 2035 तक इसे 1 ट्रिलियन डॉलर और 10 करोड़ नौकरियों वाले क्षेत्र में बदला जा सकता है।
BulletsIn
- पर्यटन का GDP में 6.7% योगदान; लगभग 4.8 करोड़ रोजगार
- ₹1 निवेश पर औसत से 3.5 गुना अधिक रोजगार सृजन
- 44 यूनेस्को धरोहर स्थल, फिर भी केवल 1 करोड़ विदेशी पर्यटक
- 2024 में पर्यटन से 35.016 अरब डॉलर विदेशी मुद्रा आय
- अंतिम मील कनेक्टिविटी व बुनियादी ढांचे की कमी
- अत्यधिक पर्यटन से पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यावरणीय दबाव
- लक्जरी होटलों पर उच्च GST से प्रतिस्पर्धा प्रभावित
- सुरक्षा व कचरा प्रबंधन संकट से छवि पर असर
- आतिथ्य क्षेत्र में कौशल की कमी; प्रशिक्षण सीटें खाली
- सुधार जरूरी: डिजिटल एकीकरण, GST सुधार, पर्यटन पुलिस, वहन क्षमता आधारित नियमन





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