भारत में बार-बार टैक्स कटौती कर अर्थव्यवस्था को गति देने की कोशिश हुई, लेकिन नतीजे मिले-जुले रहे। 1997 के “ड्रीम बजट” से लेकर 2025 की जीएसटी कटौती तक, असर घरेलू मांग, वैश्विक हालात और सरकारी खर्च पर निर्भर रहा। सबक साफ है—टैक्स कटौती अल्पकालिक मदद देती है, लेकिन दीर्घकालिक असर अनिश्चित रहता है। BulletsIn टैक्स






