सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि किसी मामले में पक्षकार न होने के बावजूद यदि कोई व्यक्ति या अधिकारी अदालत के आदेश की अवहेलना में जानबूझकर सहयोग करता है, तो उसे अवमानना का दोषी ठहराया जा सकता है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने छत्तीसगढ़ सरकार से जुड़े




