सिंह सभा आंदोलन की शुरुआत पंजाब में 1873 में हुई, जब सिख विद्यार्थियों के ईसाई धर्म अपनाने पर समुदाय में चिंता बढ़ी। यह आंदोलन सिख धर्म को पुनर्जीवित करने, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और गुरुमुखी व आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू हुआ। यह राजनीति से दूर रहकर समाज और धर्म के




