1822 में महाराष्ट्र के पश्चिमी घाट में रामोसी जनजातियों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह किया। यह विरोध तब शुरू हुआ जब मराठा क्षेत्रों के ब्रिटिश अधिग्रहण के बाद उनकी आजीविका छिन गई। विद्रोह कई वर्षों तक जारी रहा और ब्रिटिशों ने इसे दबाने के साथ समझौता भी किया। 1822 में रामोसी




