भारत में न्यायिक लंबित मामलों का संकट गहराता जा रहा है। 2025 तक लगभग 4.9 करोड़ मामले विभिन्न अदालतों में लंबित हैं। न्यायाधीशों की कमी, पुराने कानून और कमजोर बुनियादी ढाँचा इस संकट को और गहरा बना रहे हैं। देशभर में 4.9 करोड़ से अधिक मामले लंबित (राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड 2025 के अनुसार)। सुप्रीम




