भारत अगले पाँच दशकों में चंद्रमा पर एक वैज्ञानिक बेस स्थापित कर सकता है। यह बात फिजिकल रिसर्च लैबोरेटरी (PRL) के निदेशक अनिल भारद्वाज ने शनिवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में आयोजित ‘जियोकॉन-2026: सस्टेनेबल एनवायरनमेंट फॉर जियोसाइंस एंड क्लाइमेट चेंज’ सम्मेलन के दौरान कही। उन्होंने भारत के चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के भविष्य और आने वाले मिशनों





