ब्रिटिश शासन ने 18वीं सदी के अंत से भारत में भूमि से अधिकतम राजस्व प्राप्त करने के लिए विभिन्न प्रणालियाँ लागू कीं। बंगाल, मद्रास और उत्तर भारत में लागू इन व्यवस्थाओं—जमींदारी, रैयतवारी और महालवारी—ने भूमि स्वामित्व, कर व्यवस्था और ग्रामीण समाज को गहराई से प्रभावित किया, जिससे किसानों का शोषण बढ़ा। BulletsIn भूमि राजस्व ब्रिटिश




