2025 में वैश्विक अनिश्चितता, व्यापार तनाव और कमजोर पूंजी प्रवाह के कारण रुपया काफी कमजोर हुआ। वर्ष के अंत में यह डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड के करीब स्तर पर पहुंच गया। आगे की दिशा व्यापार स्थिति, निवेशकों के भरोसे और RBI की भूमिका पर निर्भर करेगी। BulletsIn 2025 में रुपया 6% से अधिक गिरा डॉलर




