2024 में, भारतीय शतरंज ने ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया जब डी गुकेश और अर्जुन एरीगैसी शतरंज की दुनिया के नए सितारे बने, जिन्होंने भारतीय शतरंज की ‘स्वर्णिम पीढ़ी’ का उदय किया। यह पीढ़ी विश्वनाथन आनंद की धरोहर को आगे बढ़ा रही है, जिनकी प्रेरणा से आज के युवा खिलाड़ी आगे बढ़ रहे हैं।





