1965 में एम.एस. स्वामीनाथन के नेतृत्व में शुरू हुई हरित क्रांति ने उच्च उपज बीज, सिंचाई, उर्वरक और मशीनों से खाद्यान्न उत्पादन तेज़ी से बढ़ाया। इससे खाद्य कमी खत्म हुई, ग्रामीण आय बढ़ी, और खेती का स्वरूप बदला, लेकिन पर्यावरण और क्षेत्रीय असमानताएँ भी बढ़ीं। BulletsIn • 1965 में शुरुआत; लक्ष्य था खाद्यान्न उत्पादन तेज़




