सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में फैसला दिया कि अदालतें अनुच्छेद 200 और 201 के तहत गवर्नर या राष्ट्रपति पर बिलों की मंजूरी के लिए कोई तय समयसीमा लागू नहीं कर सकतीं। यह निर्णय अनुच्छेद 143 के तहत भेजे गए संदर्भ पर आया। BulletsIn कोर्ट ने बिल मंजूरी पर तय समयसीमा




