ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में सिविल सेवाओं का विकास औपनिवेशिक नियंत्रण, राजस्व संग्रह और प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए किया गया। अठारहवीं सदी के अंत से लागू सुधारों ने एक केंद्रीकृत और कठोर व्यवस्था बनाई, जिसमें भारतीयों को लंबे समय तक बाहर रखा गया। BulletsIn लॉर्ड कॉर्नवालिस ने भ्रष्टाचार रोकने और नियंत्रण बढ़ाने




