भारत की डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली ने 2014 से सब्सिडी में रिसाव को रोका और लाभार्थियों को सीधे भुगतान सुनिश्चित किया। ब्लूकाफ्ट डिजिटल फाउंडेशन की रिपोर्ट के अनुसार, DBT ने 2009 से 2024 तक ₹3.48 लाख करोड़ की बचत की, और लाभार्थियों की संख्या 16 गुना बढ़ी। BulletsIn DBT से 2009–2024 में ₹3.48 लाख




