एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के Institute for Design Informatics के अध्ययन से खुलासा हुआ है कि संयुक्त राष्ट्र की जलवायु सम्मेलनों (COP) की वेबसाइटें — जैसे COP30 (ब्राजील, 2025) — सामान्य वेबसाइटों की तुलना में सात गुना अधिक कार्बन उत्सर्जन करती हैं। अध्ययन ने चेताया कि जलवायु संरक्षण पर बात करने वाले डिजिटल मंच खुद पर्यावरण को




