भारत की क्षेत्रीय परिषदें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच समन्वय बढ़ाकर सहकारी संघवाद को मजबूत करती हैं तथा संतुलित सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देती हैं। BulletsIn ये परिषदें विचार विमर्श आधारित निकाय हैं और इनके सुझाव बाध्यकारी नहीं होते, लेकिन संवाद और सहमति के माध्यम से अंतर राज्यीय विवादों को सुलझाने




