चंपकम आनंदी, एक ब्राह्मण महिला, ने मद्रास में शैक्षिक संस्थानों में जाति आधारित आरक्षण को चुनौती देकर भारत के संविधानिक इतिहास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका मामला, “राज्य बनाम चंपकम आनंदी” (1951), भारतीय संविधान में पहले संशोधन की नींव बना, जिससे सकारात्मक कार्रवाई नीतियाँ लागू हुईं। BulletsIn चंपकम आनंदी ने 1950 में जाति आधारित आरक्षण




