1930 से 1932 के बीच लंदन में तीन गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए गए ताकि भारत के संवैधानिक सुधारों पर चर्चा हो सके। इन सम्मेलनों का उद्देश्य डोमिनियन स्टेटस और संघीय ढाँचे पर सहमति बनाना था, लेकिन कांग्रेस की अनुपस्थिति/असहमति और गहरे राजनीतिक मतभेदों के कारण ये largely असफल रहे। अंततः इनसे भारत सरकार अधिनियम 1935




