इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रोस्पेरिटी (IPEF) के तहत सप्लाई चेन रेजिलिएंस एग्रीमेंट के तहत सप्लाई चेन काउंसिल (SCC) का गठन किया गया है। इसमें यूएस को चेयर और भारत को उप-चेयर बनाया गया है। यह काउंसिल वैश्विक सप्लाई चेन स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए काम करेगी, खासकर उन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जो राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अहम हैं।
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- इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक फ्रेमवर्क फॉर प्रोस्पेरिटी (IPEF) के तहत सप्लाई चेन काउंसिल (SCC) का गठन।
- यूएस को चेयर और भारत को उप-चेयर के रूप में नियुक्त किया गया।
- सप्लाई चेन रेजिलिएंस एग्रीमेंट 24 फरवरी, 2024 से प्रभावी है, जो सप्लाई चेन स्थिरता पर केंद्रित है।
- IPEF में 14 देशों के सदस्य हैं, जो वैश्विक GDP का लगभग 40% और वैश्विक व्यापार का 28% प्रतिनिधित्व करते हैं।
- SCC की पहली बैठक सितंबर 2024 में वॉशिंगटन में हुई, जहां प्रमुख क्षेत्रों के लिए एक्शन प्लान तैयार किए गए।
- भारत ने स्वास्थ्य देखभाल और फार्मास्युटिकल्स क्षेत्र में नेतृत्व करने की इच्छा जताई।
- दो उप-समितियाँ बनाई गईं: एक वस्तुओं की आवाजाही और लॉजिस्टिक्स पर, और दूसरी डेटा एनालिटिक्स पर।
- भारत ने सितंबर 2024 में क्राइसिस रिस्पॉन्स नेटवर्क की पहली बैठक में भाग लिया।
- क्राइसिस रिस्पॉन्स नेटवर्क आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों के दौरान प्रतिक्रिया समय और समन्वय सुधारने का लक्ष्य रखता है।
- यह पहल राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों में लचीलापन बढ़ाने का लक्ष्य रखती है।





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