सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवा से इस्तीफा देने पर कर्मचारी की पूरी पूर्व सेवा जब्त हो जाती है और उसे पेंशन का अधिकार नहीं मिलता, भले ही उसने लगभग 30 वर्ष सेवा की हो। यह फैसला केंद्रीय सिविल सेवा पेंशन नियमों की व्याख्या करता है।
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- सुप्रीम कोर्ट का फैसला 9 दिसंबर 2025 को
- न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और मनमोहन की पीठ
- दिल्ली परिवहन निगम कर्मचारी ने लगभग 30 वर्ष बाद इस्तीफा दिया
- इस्तीफे से पूरी पूर्व सेवा जब्त होती है
- CCS (पेंशन) नियम, 1972 के नियम 26 का हवाला
- इस्तीफा और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति अलग-अलग कानूनी अवधारणाएँ
- स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए 3 माह की पूर्व सूचना अनिवार्य
- नियम 48-A के तहत पेंशन का दावा अस्वीकार
- ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण की अनुमति
- BSES यमुना पावर लिमिटेड बनाम घनश्याम चंद शर्मा (2020) निर्णय उद्धृत





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