भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में 50 बेसिस प्वाइंट्स की कटौती कर इसे 4% कर दिया, जिससे बैंकिंग प्रणाली में 1.16 लाख करोड़ रुपये की तरलता आएगी। इस निर्णय से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में वृद्धि हुई है, क्योंकि यह बैंकिंग क्षेत्र की उधारी को बढ़ावा देने और आर्थिक गतिविधियों को समर्थन देने में मदद करेगा।
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- RBI ने CRR में 50bps की कटौती की, अब यह 4% हो गया।
- इस कदम से 1.16 लाख करोड़ रुपये की तरलता सिस्टम में आएगी, जो बैंकों को उधारी में मदद करेगी।
- PSU बैंक के शेयरों में उछाल, Nifty PSU Bank इंडेक्स लगभग 2% बढ़ा।
- उको बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक जैसे बैंकों के शेयर 2%-2.5% तक बढ़े।
- MSME क्षेत्र को CRR कटौती से लाभ, कार्यशील पूंजी प्रबंधन में मदद मिलेगी।
- RBI ने रेपो दर को 6.5% पर बनाए रखा, आर्थिक मंदी के बावजूद कोई बदलाव नहीं किया।
- FY25 के लिए महंगाई का अनुमान 4.8% से 4.5% तक बढ़ा, FY26 की Q2 में 4% लक्ष्य।
- CRR में कमी से बैंकों की पूंजी लागत घटेगी, वित्तीय क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
- RBI का ध्यान महंगाई को नियंत्रित करने और आर्थिक वृद्धि को समर्थन देने पर है।
- विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम NBFCs, ऑटो, इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को फायदा पहुंचाएगा।





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