रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा बड़े पैमाने पर क्रूड आयात के कारण उत्पन्न व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए अपनी सरकार को कदम उठाने का निर्देश दिया है। यह कदम पुतिन की भारत यात्रा से पहले आया है, जिसमें वह दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने का लक्ष्य रखेंगे।
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- पुतिन ने व्यापार संतुलन को ठीक करने के लिए भारतीय कृषि उत्पादों और दवाओं के रूस से अधिक आयात की आवश्यकता को रेखांकित किया।
- व्यापार असंतुलन भारत द्वारा रूस से किए गए क्रूड आयात के कारण बढ़ा है।
- पुतिन ने रूस-भारत संबंधों को “विशेष” और तनावमुक्त बताया, और भारत की स्वतंत्रता के लिए सोवियत संघ के समर्थन की याद दिलाई।
- उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को “विवेकपूर्ण और संतुलित” नेता बताते हुए रूस-भारत संबंधों को सशक्त बताया।
- पुतिन ने अमेरिकी टैरिफ की आलोचना की, चेतावनी दी कि इससे वैश्विक कीमतें बढ़ सकती हैं और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा।
- पुतिन ने वित्त, लॉजिस्टिक्स और भुगतान के मुद्दों को स्वीकार करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रौद्योगिकियों में भविष्य सहयोग की उम्मीद जताई।
- रूस-भारत की रणनीतिक साझेदारी जल्द ही अपनी 15वीं वर्षगांठ मनाएगी।
- पुतिन की भारत यात्रा 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद पहली बार होगी।
- यात्रा के दौरान दोनों देश रक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग पर चर्चा करेंगे।
- रूस अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित भारतीय निर्यातकों को वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराने के प्रयासों में जुटा है।





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