भारत के थर्मल पावर क्षेत्र में निजी कंपनियों द्वारा वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच ₹77,000 करोड़ का निवेश किया जाएगा। क्रिसिल रेटिंग्स के अनुसार, अदानी पावर, टाटा पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और वेदांता पावर जैसी कंपनियां मुख्य भूमिका निभाएंगी। यह निवेश मुख्य रूप से ब्राउनफील्ड परियोजनाओं में होगा, जिससे भूमि अधिग्रहण की समस्या नहीं होगी और परियोजनाएं तेज़ी से पूरी होंगी।
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- FY26–FY28 में थर्मल पावर में ₹77,000 करोड़ का निजी निवेश
- निजी हिस्सेदारी कुल निवेश में 7–8% से बढ़कर लगभग 33% होगी
- 10 साल में पहली बार 4 राज्य डिस्कॉम ने 25-वर्षीय PPA साइन किए
- FY32 तक बिजली मांग 366 GW तक पहुंचने की संभावना
- सरकार ने 80 GW नई कोयला आधारित क्षमता का लक्ष्य रखा; 60 GW प्रगति पर
- ब्राउनफील्ड प्रोजेक्ट्स से तेजी से काम होगा, भूमि अधिग्रहण की जरूरत नहीं
- अदानी, टाटा, जेएसडब्ल्यू और वेदांता कर रहे निवेश और क्षमता विस्तार
- वेदांता पावर डिमर्जर की तैयारी में; 15 GW नई क्षमता जोड़ने की योजना
- 2,200 MW पोर्टफोलियो का पुनरुद्धार: अथेना (1,200 MW), मीनाक्षी (1,000 MW)
- नई परियोजनाएं ₹5.5–₹5.8 प्रति यूनिट दर पर, 15% आंतरिक रिटर्न के साथ





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