वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में नया आयकर बिल प्रस्तुत करने का ऐलान किया, जो 7 फरवरी, 2025 को संसद में पेश किया जाएगा। यह बिल कर प्रणाली को सरल बनाने, अनुपालन में सुधार करने और करदाताओं के लिए कानूनी विवाद कम करने का उद्देश्य रखता है।
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- नया आयकर बिल 7 फरवरी, 2025 को संसद में पेश किया जाएगा।
- पिछले एक दशक में, सरकार ने कर प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई सुधार किए हैं, जैसे कि फेसलेस असेसमेंट, तेज़ रिटर्न और करदाताओं का चार्टर।
- वर्तमान आयकर अधिनियम 1961 में 298 धाराएँ और 23 अध्याय हैं, जो समय के साथ जटिल हो गया है।
- नया बिल कर अनुपालन को सरल बनाएगा, समझने में आसान होगा और विवादों को कम करेगा।
- नया बिल संक्षिप्त होगा, जो वर्तमान कानून को लगभग आधे में कम करेगा, अध्यायों और शब्दों के मामले में।
- इसमें सरल भाषा होगी, जिससे करदाता और कर प्राधिकरण इसे आसानी से समझ सकेंगे और लागू कर सकेंगे।
- इसका उद्देश्य कानूनी अस्पष्टताओं को कम करना और कर कानूनों को सुव्यवस्थित करना है।
- यह अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप होगा, जिससे कर निश्चितता में सुधार होगा और मुकदमेबाजी कम होगी।
- नया कर ढांचा सरकार के “पहले विश्वास करें, बाद में जांच करें” दृष्टिकोण को जारी रखेगा, जिससे करदाताओं में विश्वास बनेगा।
- यह करदाताओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने और कर मामलों पर स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।





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