राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ने उत्तर प्रदेश और सिक्किम की जैव विविधता प्रबंधन समितियों (BMCs) को ₹18.3 लाख जारी किए हैं। यह राशि जैव विविधता अधिनियम, 2002 के तहत “पहुँच और लाभ-वितरण” (ABS) तंत्र के अंतर्गत दी गई है, ताकि स्थानीय जैविक संसाधनों के न्यायसंगत उपयोग और संरक्षण को प्रोत्साहन मिले।
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- एनबीए ने उत्तर प्रदेश व सिक्किम के बीएमसी को ₹18.3 लाख जारी किए।
- राशि “पहुँच और लाभ-वितरण” (ABS) तंत्र के तहत दी गई।
- उत्तर प्रदेश में निधि अलीगढ़ जिले के अकराबाद-कौल तालुक के नार्रू गाँव बीएमसी को मिली।
- सिक्किम में राशि अरितर क्षेत्र की लम्पोखरी झील बीएमसी को दी गई।
- धन स्थानीय जैविक संसाधनों के औद्योगिक उपयोग से प्राप्त हुआ।
- नार्रू गाँव में कंपनी ने बायोमास से फर्मेंटेबल यौगिक बनाने हेतु फसल अवशेषों का उपयोग किया।
- लम्पोखरी झील क्षेत्र में कंपनी ने जल व मृदा के सूक्ष्मजीव अनुसंधान के लिए उपयोग किए।
- कदम स्थानीय समुदायों को संसाधनों के न्यायसंगत लाभ में भागीदार बनाता है।
- यह जैव विविधता संरक्षण में स्थानीय भागीदारी को मजबूत करता है।
- जिम्मेदार जैव संसाधन उपयोग की दिशा में राष्ट्रीय प्रयासों को गति देता है





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