नासा ने घोषणा की है कि 2030 में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) को डिऑर्बिट कर प्रशांत महासागर के दूरस्थ क्षेत्र में गिराया जाएगा। इसके बाद एजेंसी का फोकस निजी अंतरिक्ष स्टेशनों पर होगा, ताकि निम्न-पृथ्वी कक्षा में शोध जारी रहे।
BulletsIn
- ISS की शुरुआत 1998 में, पहले मॉड्यूल लॉन्च
- नवम्बर 2000 से लगातार इंसानी उपस्थिति
- अमेरिका, यूरोप, रूस, जापान, कनाडा के अंतरिक्ष यात्री शामिल
- 4,000+ प्रयोग, 4,400 से अधिक शोध पत्र
- चिकित्सा, सामग्री विज्ञान, अनुवांशिकी, खगोल विज्ञान में प्रगति
- 2030 में ISS डिऑर्बिट, प्रशांत महासागर लक्ष्य
- 2021 में निजी कंपनियों को कॉन्ट्रैक्ट दिए
- 400 मिलियन डॉलर का निवेश व्यावसायिक स्टेशनों पर
- सितम्बर 2025 में फेज-2 प्रस्तावों की मांग
- नए स्टेशन 4 अंतरिक्ष यात्रियों को 30+ दिन तक रखने योग्य
- नासा खरीदार बनेगा, मालिक नहीं
- स्पेसएक्स और बोइंग पहले से कमर्शियल मिशनों में शामिल
- चीन का तियानगोंग जल्द सबसे लंबे समय तक आबाद स्टेशन बन सकता
- ISS की विरासत अंतरराष्ट्रीय सहयोग का प्रतीक मानी जाती है





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