भारतीय परिषद अधिनियम 1909 का उद्देश्य शासन में भारतीय भागीदारी बढ़ाना था। यह बंगाल विभाजन के विरोध और स्वशासन की मांग के बाद आया।
BulletsIn
- 1861 और 1892 के परिषद अधिनियमों में संशोधन
- प्रशासन में अधिक भारतीयों की भागीदारी का प्रयास
- विधान परिषदों में चुनावी सिद्धांत लागू
- केंद्रीय और प्रांतीय परिषदों का विस्तार
- अप्रत्यक्ष चुनाव की व्यवस्था
- मुसलमानों के लिए अलग निर्वाचन मंडल
- साम्प्रदायिक प्रतिनिधित्व को कानूनी मान्यता
- बजट और जनहित मुद्दों पर चर्चा की अनुमति
- विदेश नीति और रियासत मामलों पर रोक
- सत्येन्द्र प्रसन्न सिन्हा वायसराय परिषद में शामिल





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