एक नए अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि अंटार्कटिका की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे सैकड़ों ज्वालामुखी विस्फोट हो सकते हैं। यह प्रक्रिया जलवायु परिवर्तन से जुड़ी है, जो पृथ्वी के नीचे मैग्मा पर दबाव घटा देती है, जिससे विस्फोट का खतरा बढ़ता है। चिली के एंडीज से मिले आंकड़ों से यह निष्कर्ष निकाला गया।
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- पिघलती बर्फ मैग्मा पर दबाव घटाकर विस्फोट बढ़ा सकती है
- वेस्ट अंटार्कटिका में 100+ दबे ज्वालामुखी पाए गए
- एंडीज में बर्फ पिघलने के बाद ज्वालामुखी अधिक फटे
- लंबे समय तक दबे मैग्मा से विस्फोट और खतरनाक हुए
- अंटार्कटिक बर्फ तेजी से ग्लोबल वार्मिंग से घट रही
- ज्वालामुखी से CO₂, मीथेन जैसी गैसें जलवायु संकट बढ़ाती हैं
- विस्फोट अल्पकालिक ठंड, लेकिन दीर्घकालिक गर्मी ला सकते हैं
- खतरा न्यूज़ीलैंड, रूस, उत्तरी अमेरिका में भी संभव
- वैज्ञानिक ग्लेशियर क्षेत्रों की निगरानी की मांग कर रहे
- अध्ययन प्राग के गोल्डश्मिट भू-रसायन सम्मेलन में पेश हुआ





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