Mahatma Gandhi ने ब्रिटिश साम्राज्य का विरोध नफरत के आधार पर नहीं बल्कि नैतिक और सिद्धांतों के आधार पर किया, जैसा कि B.G. Gokhale ने वर्णित किया।
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- गांधी ने ब्रिटिश शासन का विरोध नफरत से नहीं बल्कि नैतिक आधार पर किया।
- उनका मानना था कि साम्राज्यवाद अन्यायपूर्ण और हानिकारक है।
- उनकी विचारधारा अहिंसा और सत्याग्रह पर आधारित थी।
- उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से ब्रिटिश शासन का विरोध किया।
- भारत और ब्रिटेन के बीच तीन सदियों से अधिक का संपर्क रहा है।
- 1609 में William Hawkins के आगमन से शुरुआती संपर्क हुआ।
- English East India Company ने मद्रास, बॉम्बे और कलकत्ता में व्यापारिक केंद्र स्थापित किए।
- धीरे-धीरे व्यापार से राजनीतिक नियंत्रण स्थापित हुआ।
- गांधी ने औपनिवेशिक शासन के शोषण और असमानता की आलोचना की।
- उन्होंने स्वराज और आत्मसम्मान पर जोर दिया।
- उनकी विचारधारा ने स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा दी।
- गांधी ने व्यवस्था का विरोध किया, न कि लोगों का।





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