इजरायल और जॉर्डन के बीच 30 साल पुरानी शांति संधि सीरिया में बिगड़ते हालात के कारण खतरे में है। दोनों देशों ने राजनीतिक मतभेदों और क्षेत्रीय तनाव के बावजूद नाजुक संतुलन बनाए रखा है, लेकिन सीरिया की स्थिति शांति के लिए गंभीर चुनौतियां पेश कर रही है।
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- इजरायल और जॉर्डन ने 30 साल पहले शांति संधि पर हस्ताक्षर किए थे।
- सीरिया में बढ़ती अस्थिरता दोनों देशों की शांति के लिए खतरा है।
- जॉर्डन ने इस साल इजरायल को एक ईरानी मिसाइल हमले से बचाया था।
- गाजा युद्ध और सीरिया का संकट जॉर्डन की स्थिरता पर दबाव बढ़ा रहा है।
- विशेषज्ञ रॉन शेट्ज़बर्ग ने चेतावनी दी कि असद सरकार के पतन से सीरिया में कट्टरपंथी ताकतें मजबूत हो सकती हैं।
- जॉर्डन चरमपंथी तत्वों से निपटने के लिए खुफिया उपायों के जरिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है।
- इजरायल और जॉर्डन की 480 किलोमीटर लंबी सीमा है, जो दोनों देशों के लिए स्थिरता आवश्यक बनाती है।
- जॉर्डन की आधी आबादी फिलिस्तीनी मूल की है, जिनमें से कई इजरायल से संबंधों का विरोध करते हैं।
- सीरिया में बढ़ते तनाव जॉर्डन को प्रभावित कर सकते हैं और क्षेत्रीय शांति को खतरे में डाल सकते हैं।





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