इंदौर भारत का पहला शहर बनने जा रहा है, जो स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल आधारित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करेगा। यह प्लांट ग्रीन वेस्ट को मूल्यवान और पर्यावरण-friendly संसाधनों में बदलने का लक्ष्य रखता है।
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- इंदौर में स्वच्छ भारत मिशन-शहरी के तहत भारत का पहला PPP ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित होगा।
- यह प्लांट लकड़ी, शाखाओं, पत्तों और फूलों जैसी ग्रीन वेस्ट को पर्यावरण-friendly संसाधनों में परिवर्तित करेगा।
- बिचोली हप्सी में 55,000 वर्ग फीट जमीन पर बने इस प्लांट से इंदौर नगर निगम (IMC) को प्रति टन 3,000 रुपये की रॉयल्टी प्राप्त होगी।
- प्लांट ग्रीन वेस्ट को लकड़ी की छड़ों में बदलकर कोयले के स्थान पर ऊर्जा संरक्षण में मदद करेगा।
- इंदौर में रोजाना लगभग 30 टन ग्रीन वेस्ट उत्पन्न होता है, जो शरद ऋतु जैसे मौसमों में 60-70 टन तक बढ़ सकता है।
- बड़े पेड़ की शाखाओं को सिटी फॉरेस्ट स्थित ग्रीन वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में पुनः प्रयोग किया जाएगा।
- एस्ट्रोनॉमिकल इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर प्लांट में सॉडस्ट को प्रोसेस किया जाएगा, जिससे इसकी नमी 90% तक कम होगी।
- सॉडस्ट का उपयोग वैकल्पिक ईंधन, पैकिंग सामग्री, बायोडिग्रेडेबल प्लेट्स और खाद बनाने में किया जाएगा।
- IMC प्लांट के लिए भूमि प्रदान करेगा और ग्रीन वेस्ट की ढुलाई करेगा, जबकि एस्ट्रोनॉमिकल इंडस्ट्रीज प्लांट के संचालन और रख-रखाव की जिम्मेदारी संभालेगी।
- यह पहल प्रदूषण कम करने, बेहतर कचरा प्रबंधन, और AQI नियंत्रित करने में मदद करेगी, जिससे कोयले के स्थान पर एक स्थायी विकल्प मिलेगा।





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