भारत की मातृ मृत्यु दर (MMR) 2018–20 में 97 से घटकर 2019–21 में 93 प्रति लाख जीवित जन्म हो गई। यह सुधार जनगणना महानियंत्रक की रिपोर्ट से सामने आया है। हालांकि, मध्य प्रदेश, असम और उत्तर प्रदेश में दर अभी भी ज्यादा है, जिस पर विशेष ध्यान जरूरी है।
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- MMR 97 से घटकर 93 प्रति लाख जीवित जन्म (2018–21 में)
- मातृ स्वास्थ्य में सुधार, संयुक्त राष्ट्र SDG लक्ष्यों के अनुरूप
- सबसे ज्यादा मौतें 20–29 और 30–34 वर्ष की उम्र में
- मध्य प्रदेश (175), असम (167), उत्तर प्रदेश (151) में MMR सबसे अधिक
- ओडिशा (135), छत्तीसगढ़ (132), बंगाल (109), हरियाणा (106) भी ऊपर
- कर्नाटक 63 तक पहुँचा, फिर भी दक्षिण राज्यों में सबसे अधिक
- WHO के अनुसार, अधिकतर मातृ मृत्यु रोकी जा सकती हैं
- भारत में सुधार बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, प्रसवपूर्व देखभाल से
- वैश्विक MMR 2000 से 40% तक घटा; भारत भी उसी राह पर
- भारत का लक्ष्य 2030 तक MMR को 70 से नीचे लाना





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